अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के दवाखाना तिब्बिया कॉलेज की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
जनहित को ध्यान में रखकर शुरू किए गए इस ऐतिहासिक दवाखाने की तैयार की गई थी, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाइयाँ आज दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाती हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) का दवाखाना तिब्बिया कॉलेज अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर चुका है। वर्षों पहले जनहित और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित यह ऐतिहासिक दवाखाना आज आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इसकी तैयार की गई दवाइयाँ न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी लोकप्रियता हासिल कर रही हैं। एमआईसी प्रोफेसर रियाज़ अहमद ने बताया कि दवाखाना कि शुरुआत एक कमरे से शुरू हुई ये यात्रा—जो मात्र मानव सेवा और बिना साइड इफेक्ट वाली ईको-फ्रेंडली दवा देने के उद्देश्य से शुरू हुई थी—जो आज दुनिया में एक भरोसेमंद यूनानी ब्रांड के रूप में चमक रही है।...दवाखाना का यह इतिहास इसलिए भी खास है क्योंकि यूनानी दुनिया में ऐसी कोई दवा नहीं जो दवाखाने के बिना पूरी मानी जाए। अपनी तालीम के लिए दुनिया भर में जानी जाती(AMU)अब एक नई कड़ी जुड़ने जा रही है—प्रोफेसर रियाज़ अहमद ने कहा कि कॉस्मेटिक और ब्यूटी केयर के हर्बल सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए दवाखाना बहुत जल्द अपने आप को लाने वाला है....जिससे लोगों को बिना साइड इफेक्ट वाली ईको-फ्रेंडली दवा आसानी से बाजार में उपलब्ध हो जाया करेगी....
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